गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

अपनी हिंदी फाइल्स को प्लेटफार्म इनडिपेंडेंट व पोर्टेबल बनायें

दोस्तों हिंदी फाइल्स की सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही होती है की वो किसी विशेष प्रोग्राम अथवा कंप्यूटर तक ही सीमित होती हैं यानि हम जहाँ चाहें उनको यूज नहीं कर सकते। इसका मुख्य करण हिंदी फोंट्स हैं यानि अगर एक कंप्यूटर की फ़ाइल को दूसरे कंप्यूटर के किसी प्रोग्राम द्वारा देखा जाए तो उस फ़ाइल से सम्बंधित फोंट्स उस सिस्टम में होने पर ही वो फ़ाइल दिखेगी अन्यथा नहीं , जबकि इंग्लिश फाइल्स के साथ ऐसा नहीं है हम जिस सिस्टम पे उनको देखना चाहें देख सकते हैं, दोस्तों यहाँ मैं आपको एक बेहद आसान तरीका बता रहा हूँ जिसके जरिये आप हिंदी फाइल्स को प्लेटफोर्म इनडिपेंडेंट व पोर्टेबल बना सकते हैं।

दोस्तों आप पीडीएफ (पोर्टेबल डोक्युमेंट फॉर्मेट) फाइल्स से तो परिचित होंगे ही ? आजकल ये सबसे ज्यादा प्रचलित हैं क्यों कि इन फाइल्स को हर सिस्टम चाहे वो लिनिक्स, विंडोज अथवा मैक आदि हो और ज्यादातर डिवाइसेज (मोबाइल/पीडीए आदि) पर सामान रूप से देखा जा सकता है तथा इन फाइल्स की एक ख़ास बात ये और है कि हमें फोंट्स की भी परवाह नहीं करनी होती है यानि जब कोई फ़ाइल पीडीएफ फॉर्मेट में सेव की जाती है तो उससे रिलेटेड फोंट्स आदि की सूचना फ़ाइल के साथ ही सेव हो जाती है और जब उस फ़ाइल को हम ऐसे सिस्टम में देखते हैं जिसमे उस फ़ाइल वाले फोंट्स मौजूद नहीं हैं तब भी वो फ़ाइल आसानी से दिख जाती है क्यों की फोंट्स की सारी इन्फोर्मेशन तो पीडीएफ फ़ाइल में ही सेव होती है , जो फ़ाइल क्रियान्वयन के समय लिंक हो जाती है और हमें हमारी फ़ाइल आसानी से दिख जाती है दोस्तों अब मैं समझता हूँ की आप मेरी इतनी बकबक के बाद कुछ समझ ही गए होंगे चलो अब आगे बढ़ते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे की अपनी हिंदी फ़ाइल को पीडीएफ में कैसे बदला जाए इसके लिए आप अगर ऑफिस 2007 का प्रयोग करते है तो  इस पोस्ट  को पढ़ें। वैसे मैं आप लोगो को अन्य ऑफिस के स्थान पर ओपन ऑफिस का प्रयोग करने की सलाह दूंगा हिंदी के लिए ये और भी अधिक बेहतर है साथ ही इसमें आप सीधे ही फाइल्स को पीडीएफ के रूप में सेव कर सकते हैं। ओपनऑफिस को डाउनलोड करने के लिए यहाँ विजिट करें-
 http://www.openoffice.org/

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने। धन्यवाद

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  2. सही जुगाड है ...मैं अकसर ऐसा कर लेता हूँ |

    धन्यवाद

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  3. बहुत व्यावहारिक सलाह है।

    वैसे यूनिकोड आ जाने के बाद जहाँ तक हो सके इसका उपयोग करना चाहिये और इसके उपयोग कबढ़ावा देना चाहिये। इसके अपने ही लाभ हैं।

    लिखते रहिये।

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  4. बहुत अच्छी जानकारी है धन्यवाद।

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